आईएएस ऑनलाइन क्‍लास हैक : देश के 10 हजार छात्रों को दे रहे थे UPSC और UPPSC की क्लास

ऑनलाइन क्‍लास हैक

IAS/PCS की ऑनलाइन कोचिंग सेंटर हैक करने वालेे गैंग से मेरठ पूलिस ने पूछताछ की तो कई बड़े -बड़े खुलासे हुए हैं। खुलासे में ऑनलाइन क्‍लासों के बारे में कई अहम जानकारी पता चली है। बताया कि कैसे ऑनलाइन क्‍लास हैक कर करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे थे।

 

आईएएस ऑनलाइन क्‍लास हैक : कोचिंग सेंटरों के सर्वर को हैक कर सस्ते दाम पर ऑनलाइन क्लास (Online Class) देने वाले अनुपम श्रीवास्तव ने कई राज बेपर्दा किए है। उसने बताया कि पूरे देश में इंटरनेट मीडिया के जरिए नेटवर्क तैयार किया था। छह माह में दस हजार से ज्यादा छात्रों को जोड़कर कोचिंग की रकम वसूल रहे थे। यह रकम भी फर्जी खाते में डलवाई जाती थी, उसके बाद रकम को खाते से निकाल लिया जाता था। पुलिस अनुपम के दूसरे साथी मुरारीलाल की तलाश कर रही है।

UPSC और UPPSC की तैयारी कराने वाले दृष्टि कोचिंग सेंटर, चाणक्य सिविल एकेडमी और अनएकेडमी के सर्वर को हैक कर ऑनलाइन कोर्स (Online Course) चुरा कर छात्रों को क्लास देने वाले झांसी के अनुपम श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गैंग का सरगना हरियाणा के हिसार निवासी मुरारी लाल अभी फरार चल रहा है, जिसकी धरपकड़ को पुलिस लगी हुई है।

एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि UPSC और UPPSC का कोर्स कराने वाले कोचिंग सेंटर (Coaching Center) कोरोना कॉल के दौरान पहले से ही कोर्स तैयार कर अपने सर्वर पर अपलोड कर देते है। ताकि समय आने पर छात्रों को ऑनलाइन क्लास (Online Class) दी जा सके। अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि कोचिंग सेंटरों के आईटी एक्सपर्ट (IT Export) की मदद से कोचिंग सेंटरों का सर्वर हैक कर कोर्स उठा लते है। कोचिंग सेंटरों से पहले ही उस कोर्स को छात्रों को दे दिया जाता है। कोचिंग सेंटरों से पहले कोर्स बाहर आने पर ही पूरे मामले की जानकारी संचालकों को हुई है, इसके बाद ही सर्विलांस टीम ने इस मामले पर काम किया है।

दस हजार अभ्यर्थी जोड़ चुके है आरोपित

अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि इंटरनेट मीडिया के जरिए छात्रों से संपर्क किया जा रहा था। छात्रों को बताया गया कि कोरोना संक्रमण के दौरान कोचिंग सेंटर स्कीम दे रहे है, इसलिए कोर्स 10 से 15 हजार में कराया जा रहा है। इतने कम रेट पर कोर्स मिलने से छह माह में पूरे देश के करीब दस हजार छात्रों को जोड़ा गया था। अभी तक तीन हजार छात्रों की फीस ही गिरोह के सदस्य वसूल चुके थे। छात्रों ने रकम बैंक के फर्जी खाते में डलवाई जाती थी। उसके बाद रकम को निकाल लेते थे।

कोचिंग सेंटर के आइटी एक्सपर्ट ने दिया था आइडिया

पुलिस के मुताबिक, मुरारीलाल की दोस्ती एक कोचिंग सेंटर के आइटी एक्सपर्ट से थी। आइटी एक्सपर्ट ने ही मुरारीलाल को यह आइडिया दिया था, ताकि कोरोना संक्रमण के दौरान कक्षाएं करा देंगे। कोचिंग सेंटरों को इसकी भनक तक नहीं लगेंगी। लेकिन मुरारी लाल के कोचिंग सेंटरों से पहले ही कोर्स को छात्रों में आउट कर दिया। यही कारण है कि कोचिंग सेंटरों में छात्रों की संख्या घटने लगी। पुलिस मान रही है कि इस गैंग से बीस से ज्यादा लोग पूरे देशभर में काम कर रहे है।

एसएसपी अजय साहनी ने कहा कि कोचिंग सेंटर का ऑनलाइन कोर्स चुराने वाले मुरारीलाल की धरपकड़ को टीमें काम कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही कोचिंग सेंटर से जुड़े आइटी एक्सपर्ट तक पुलिस पहुंच जाएगी। उसके बाद ही पूरे मामले की परते खुल पाएंगी।

Author: IAS Blogger

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