Topper Stories

कौन हैं प्रदीप सिंह जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा टॉप की? Pradeep Singh IAS Topper

Pradeep Singh IAS Topper 2019 – यूपीएससी टॉप करने वाले प्रदीप सिंह की उपलब्धि पर भले ही परिवार वालों के साथ ही अन्य सभी खुशी मना रहे हों। लेकिन खुद टॉपर प्रदीप सिंह व उनको आईएएस बनने के लिए प्रोत्साहित करने वाले पिता सुखबीर सिंह को एक बार यह विश्वास नहीं हुआ कि वह यूपीएससी टॉपर बन गए हैं।

जब यूपीएससी का परिणाम आया तो उस समय प्रदीप सिंह घर में आराम कर रहे थे और उस समय ही उनके पास दोस्त का फोन आया कि परिणाम आ गया है और वह टॉपर बन गए हैं। प्रदीप सिंह को विश्वास नहीं हुआ है और वह खुद अपना परीक्षा परिणाम देखने लगे। अपना परीक्षा परिणाम खुद देखने के बाद भी कुछ देर तक उनको लगा कि वह कोई सपना देख रहे हैं, लेकिन वह कोई सपना नहीं था, बल्कि सबकुछ सच था।

प्रदीप सिंह ने बताया कि उनको परिणाम आने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनके एक दोस्त ने फोन करके बताया कि परीक्षा परिणाम आया है और वह टॉपर है। उनको इसलिए विश्वास नहीं हुआ कि टॉपर आने की उम्मीद उनको खुद नहीं थी। क्योंकि यूपीएससी में परिणाम से पहले कोई तय नहीं कर सकता कि उनकी कितनी रैंक आ सकती है। जब टॉपर आने का पूरा विश्वास हो गया तो सबसे पहले अपने पिता सुखबीर सिंह को फोन किया जो उस समय गांव तेवड़ी में गए हुए थे।

पिता को बताया कि वह पास हो गया है तो पिता ने सबसे पहला सवाल पूछा कि कितना रैंक आया है। जिसपर प्रदीप ने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि आपको मुझसे क्या उम्मीद थी। जिसपर पिता ने कहा कि उनको लगता है कि वह आईएएस बन जाएगा और उसकी इतनी रैंक जरूर होगी। जब प्रदीप सिंह ने पिता को बताया कि उसकी नंबर वन रैंक है तो पिता सुखबीर सिंह को खुद भी विश्वास नहीं हुआ। प्रदीप के पिता सुखबीर सिंह ने बताया कि वह चाहते थे कि उनका बेटा अच्छी रैंक लेकर आए, जिससे उसको हरियाणा कैडर मिल जाए। लेकिन उसने काफी मेहनत करके उम्मीद से कुछ ज्यादा ही उनको दिया है।

कविताएं लेखन व सामान्य विज्ञान में रुचि रखने वाले प्रदीप को आखिरी प्रयास में मिली सफलता

यूपीएससी टॉपर प्रदीप सिंह बताते हैं कि उनको कविताएं लिखना व सामान्य विज्ञान में रुचि है। वह कुछ समय कविता लेखन व सामान्य विज्ञान में बिताते थे। वहीं प्रदीप बताते हैं कि कई बार उनको लगता था कि उनका यह आखिरी प्रयास है और वह इस प्रयास में सफलता हासिल नहीं कर सके तो अपने पिता का सपना पूरा नहीं कर सकेंगे। इस तरह कई बार मायूसी भी होती थी तो वह कविता लेखन करने लगते थे या सामान्य विज्ञान पढ़ते है। इस तरह से मायूसी दूर होते ही दोबारा स्लेबस में जुट जाते थे।

परिवार में माता-पिता व भाई-बहन, खुशी का माहौल

प्रदीप के परिवार में जहां उनके पिता सुखबीर सिंह हैं जो पेशे से किसान हैं और दो बार 2000-2005 व 2010-2015 तक गांव के सरपंच रह चुके हैं। वहीं माता शीला देवी गृहणी हैं जो बेटे का परिणाम आने से पहले ही रक्षाबंधन का पर्व मनाने अपने मायके गई हुई थीं। प्रदीप के एक बड़े भाई अजित सिंह हैं जो बीटेक हैं और इस समय इंश्योरेंस कंपनी में बतौर सर्वेयर कार्यरत हैं। उनकी बहन मनीषा ने हाल ही एमएससी पूरी की है। प्रदीप की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।

2017 में सोनीपत की अनु कुमारी को मिला था दूसरा स्थान

सोनीपत के नाम पहले भी एक बड़ी उपलब्धि रही हैं। जिले के कई विद्यार्थी पिछले कुछ साल से लगातार यूपीएसी की परीक्षा उत्तीर्ण कर रहे हैं। यहां की रहने वाली अनु कुमारी ने वर्ष 2017 में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था और महिलाओं में वह पहले स्थान पर रही थीं। अनु कुमारी ने यह उपलब्धि उस समय हासिल की थी, जब उनकी शादी हो चुकी थी और वह परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ ही नौकरी करते हुए देश में दूसरे स्थान पर रही थीं।

 

UPSC IAS EXAM DETAILS (हिंदी में यहाँ पढ़े)

  • UPSC सिविल सेवा परीक्षा की जानकारी हिंदी में
  • सिविल सेवा परीक्षा का प्रारूप हिंदी में |
  • UPSC Prelims एग्जाम की जानकारी हिंदी में |
  • UPSC Mains एग्जाम की जानकारी हिंदी में |
  • UPSC Interview की जानकारी हिंदी में|

Editor, IASCoachings

The Editor at IASCoachings specializes in reviewing IAS coaching institutes, UPSC preparation platforms, and civil services resources. With extensive research into teaching methodologies, faculty credibility, student feedback, and UPSC exam trends, the editorial team at IASCoachings provides unbiased, data-driven, and aspirant-focused analysis to help UPSC candidates make informed decisions.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button